ज़ुल्फ़ शायरी | 30+ Beautiful Zulf Shayari In Hindi | Shayari On Hair » Loyal Shayar

ज़ुल्फ़ शायरी | 30+ Beautiful Zulf Shayari In Hindi | Shayari On Hair

ज़ुल्फ़ शायरी: Friends, in this post we have written Zulf Shayari. Hair that enhances the beauty of our face and attracts people towards us, then there must be poetry on the hair so that we can compliment someone’s hair with shayari.

 

ज़ुल्फ़ों पर शायरी लिखने वाले शायरों में बहुत से लेखक शामिल हैं तो ऐसे में हम भी आपके लिए ज़ुल्फ़ शायरी का संग्रह लेकर आये हैं जिसे आप पढ़ सकते हैं और किसी की तारीफ करने के लिए आप इस शायरी को उसके साथ सांझा कर सकते हो। Shayari On Zulf, Zulfein Shayari, ज़ुल्फ़ें शायरी

 

Zulf Shayari | ज़ुल्फ़ों पर शायरी

 

1. ज़ुल्फ़ शायरी

Zulf Shayari image
ज़ुल्फ़ शायरी फ़ोटो

तेरी बाहों में सिर रख कर तुझमें खोना चाहता हूँ

तेरी ज़ुल्फ़ों की छांव के नीचे सोना चाहता हूँ

Teri baahon mein sir rakh tujhme khona chahta hu

Teri zulfon ki chhanv ke neeche sona chahta hu

 

2.

बहते समुंदर सी तेरी ज़ुल्फ़ें जब लहराएं

आशिकों के सीने से दिल चुरा ले जाएं

Behte samundar si teri zulfein lehrayen

Aashiqo ke seene se dil chura le jaye

 

3.

जिस दिन वो ज़ुल्फ़ें खुली छोड़ बाहर आने लगी

उसे देख मेरे दिल की धड़कन बढ़ जाने लगी

Jis din woh zulfein khuli chhod bahar aane lagi

Usey dekh mere dil ki dhadhkan badh jane lagi

 

4.

उसके चेहरे पर बिखरी ज़ुल्फ़ें

मुझे मदहोश कर जाती है

वो जब भी सामने आती है

दिल चुरा ले जाती है

Uske chehre par bikhri zulfein

Mujhe madhosh kar jaati hai

Woh jab bhi samne aati hai

Dil chura le jaati hai 

 

5.ज़ुल्फ़ शायरी

चला जा रहा था तेरी गली से अपनी मस्ती में

तेरे सामने आते ही मै खुद को भूल जाने लगा

जिस दिन देखा तुझे खुले बालों में पहली बार

उस दिन से दिल तुझे और ज्यादा चाहने लगा

Chala jaa raha tha teri gali se apni masti mein

Tere samne aate hi main khud ko bhool jane laga

Jis din dekha tujhe khule baalon mein pehli baar

Us din se dil tujhe or jyada chahne Laga 

 

6.

ज़ुल्फ़ों को सवाँर कर वो मेरे पास आई थी

माथे पर उसने एक बिंदी लगाई थी

कानों में झुमके और आंखों में काजल

कुछ इस तरह सज़्ज़ कर मुझसे मिलने आई थी

Zulfon ko sanwar kar woh mere paas aayi thi

Maathe par usne bindi lagayi thi

Kaano mein jhuke aur aankhon mein kajal

Kuch is tarah sazz kar mujhse milne aayi thi

 

7.

तुझे देखने का जुनून बढ़ने लगता है

ना देखूं तो दिल तड़पने लगता है

जैसे ही होती है सुबह की पहली किरण

तेरी बिखरी ज़ुल्फ़ें देखने तेरी और चलने लगता है

Tujhe dekhne ka junoon badhne lagta hai

Naa dekhu toh dil tadpane lagta hai

Jaise hi hoti hai subah ki pehli kiran

Teri bikhari zulfein dekhne teri aur chlne lagta hai

 

Shayari On Hair

 

8.

ज़ुल्फ़ों को ऐसे लहराया ना करो

बाल खोल कर सामने आया ना करो

देख कर दिल की धड़नक थम जाती है

तुम खुद को इतना सजाया ना करो

Zulfon ko aise lehraya naa karo

Baal khol kar samne aaya naa karo

Dekh kar dil ki dhadkan tham jati hai

Tum khud ko itna sajaya naa karo

 

9.

अपने हुस्न पर इतना इतराना छोड़ दो

यह दिल पर तीर चलाना छोड़ दो

ज़ुल्फ़ें खोल ऐसे गली में आया ना करो

यह सब करके हमको जलाना छोड़ दो

Apne husn par itna itrana chhod do

Yeh dil par teer chalana chhod do

Zulfein khol aise gali me aaya na karo

Yeh sab karke humko jalana chhod do

 

10. ज़ुल्फ़ शायरी

ज़ुल्फ़ें खोल कर तुमने इनको लहराया है

मेरे दिल पर तुमने अपना जादू चलाया है

जबसे देखा है तुम्हें ज़ुल्फ़ें लहराते

तेरा यह मासूम चेहरा तबसे दिल में समाया है

Zulfein khol kar tumne inko lehraya hai

Mere dil par tumne apna jadoo chalya hai

Jab se dekha hai tumhe zulfein lehrate

Tera yeh masum chehra tabse dil me samaya hai

 

11.

Zulfein shayari
Zulfein shayari

तुझे देख दिल को लगा एक झटका है

तेरी ज़ुल्फ़ों में जा मेरा दिल अटका है

Tujhe dekh dil ko lagaa ek jhatka hai

Teri zulfon mein jaa mera dil atka hai

 

12.

गुलाबी गाल तेरे आँखों में काजल हैं

यह खुली ज़ुल्फ़ें तेरी करती हमें पागल हैं

Gulabi gaal tere aankhon mein kajal hai

Yeh khuli zulfein teri karti humein pagal hai

 

13. बिखरे बाल शायरी

जैसे ही बिखेर कर बालों को

वो घर से बाहर आने लगी

उसे देखते ही हमारे जिस्म में

बिजली दौड़ जाने लगी

Jaise hi bikher kar baalon ko

Woh ghar se bahar aane lagi

Usey dekhte hi humare jism mein

Bizli daud jaane lagi

 

14.

मुझे पसंद है उसकी खुली ज़ुल्फ़ों के साये

उनकी उलझी ज़ुल्फ़ों में उलझा रहना चाहता हूँ

Mujhe pasand hai uski khuli zulfon ka saya

Unki uljhi zulfon mein uljha rehna chata hu

 

15. ज़ुल्फ़ शायरी

Bikhare Baal Shayari
Bikhare Baal Shayari

उसकी खुली ज़ुल्फ़ें देख

मेरा मन बहक जाता है

वो भी इस लिए ज़ुल्फ़ों को बिखेर

मुझे बार बार तड़पाता है

Uski khuli zulfein dekh

Mera mann bahak jata hai

Woh bhi is liye zulfon ko bikher

Mujhe bar bar tadpata hai

 

16.

मोहब्बत है तेरी आँखों से

मोहब्बत है तेरे होंठों से

मोहब्बत है तेरी बिखरी ज़ुल्फ़ों से

मोहब्बत है तेरे मासूम चेहरे से

Mohabbat hai teri aankhon se

Mohabbat hai tere honthon se

Mohabbat hai teri bikhari zulfon se

Mohabbat hai tere masoom chehre se

 

ज़ुल्फ़ों पर शायरी

 

17.

कुछ इस तरह हर रोज़ मुझ पर कहर ढाने लगती है

ज़ुल्फ़ें बिखेर कर सामने आकर सताने लगती है

Kuch is tarah har roz mujh par kahar dhane lagti hai

Zulfein bikher kar samne aakar satane lagti hai

 

18. ज़ुल्फ़ों पर शायरी

उसकी खुले बालों वाली तस्वीर को

सामने रख निहार लेता हूँ

जब याद आती है उसकी तो

उसे सपनों में उतार लेता हूँ

Uski khule baalon wali tasveer ko

Samne rakh nihaar leta hu

Jab yaad aati hai uski toh

Usey sapno mein utaar leta hu

 

19.

ज़ुल्फ़ें बिखेर वो बिजली गिराती होगी

जैसे मुझे तड़पाया किसी और को तड़पाती होगी

मैं तो आज भी देखता हूँ उसकी राह

वो पता नहीं अब किसको चाहती होगी

Zulfein bikher woh bizli girati hogi

Jaise mujhe tadpaya kisi aur ko tadpati hogi

Main toh aaj bhi dekhta hu uski raah

Woh pata nahi ab kisko chahati hogi

 

20. ज़ुल्फ़ शायरी

ज़ुल्फ़ें शायरी
ज़ुल्फ़ शायरी

जिस दिन वो ज़ुल्फ़ों को बिखेर आती है

ना जाने कितने आशिकों को कर ढेर जाती है

Jis din woh zulfon ko bikher aati hai

Naa jaane kitne aashiqo ko kar dher jati hai

 

21.

कुछ लम्हें उसके साथ ऐसे भी बिताए थे

उसकी ज़ुल्फ़ों में अपने हाथों से फूल लगाए थे

Kuch lamhe uske sath aise bhi bitaye the

Uski zulfon mein apne haathon se fool lagaye the

 

22. ज़ुल्फें शायरी

क्या वक़्त था जब वो मुझे चाहने लगी थी

पूरा दिन बिखेर कर रखने वाली ज़ुल्फ़ों को

मेरे सामने आते ही बालों को सवारने लगी थी

Kya waqt tha jab woh mujhe chahne lagi thi

Poora din bikher kar rakhne wali zulfon ko

Mere samne aate hi baalon ko sawarne lagi thi

 

ज़ुल्फ़ शायरी | बिखरी ज़ुल्फ़ें शायरी

 

23.

वो तेरे महकते बदन की खुश्बू और

तेरी ज़ुल्फ़ों का झरने जैसे लहराना

मुझे आज भी याद है वो सभी किस्से

मुझको देख कर तेरा हल्के से मुस्कराना

Woh tere mehakte badan ki khushboo aur

Teri zulfon ka jharne jaise lehrana

Mujhe aaj bhi yaad hai woh sabhi kisse

Mujhko dekh kar tera halke se muskurana

 

24.

वो मुझे देख अपने दांतों से होंठ को दबा देती थी

मेरे सामने आते ही अपनी ज़ुल्फ़ों को लहरा देती थी

हल्का सा देख कर नज़रें नीचे झुका देती थी 

कुछ इस तरह से भी वो कहर कमा देती थी

Woh mujhe dekh apne danton se honth ko dabaa deti thi

Mere samne aate hi apni zulfon ko lehra deti thi

Halka sa dekh kar nazrein neeche jhuka deti thi

Kuch is tarah se bhi woh kahar kama deti thi

 

25. ज़ुल्फ़ शायरी

ज़ुल्फ़ों पर शायरी
ज़ुल्फ़ों पर शायरी

वो जब भी गली में आकर

अपने बाल सुखाने लगती है

उसकी समुंदर सी लहराती

ज़ुल्फ़ों से महक आने लगती है

Woh kab bhi gali mein aakar

Apne baal sukhane lagti hai

Uski samundar si lehraati

Zulfon se mahak aane lagti hai

 

26.

एक तू मेरे जीने की वजह बन जाओ

मै तुझे चाहूं और तुम मुझे चाहो

मेरे दिल का यह अरमान है कि

तुम मेरे कंधे पर अपनी ज़ुल्फ़ें लहराओ

Ek tu mere jeene ki wajah bann jaao

Main tujhe chaahu aur tum mujhe chaaho

Mere dil ka yeh arman hai ki

Tum mere kandhe par apni zulfein lehrao

 

27. बिखरी ज़ुल्फ़ें शायरी

तेरे बालों को हाथों से सहलाना है मुझे

तुझे एक दिन अपनी दुल्हन बनाना है मुझे

Tere baalon ko haathon se sehlana hai mujhe

Tujhe ek din apni dulhan banana hai mujhe

 

28.

तेरी ज़ुल्फ़ें दिखती हैं उलझी हुई

मै इन्हें सुलझाना चाहता हूँ

तेरे बालों को सुलझाते हुए

मैं इनमें उलझ जाना चाहता हूँ

Teri zulfein dikhti hai ulajhi Huyi

Main inhe suljhana chahta hu

Tere baalon ko suljhate huye

Main inme Uljh jana chahta hu

 

29.

जब भी गुज़रे पास से ज़ुल्फ़ें लहरा देती है

वो अपनी ज़ुल्फ़ों की महक से हवा महका देती है

Jab bhi woh guzre paas se zulfein lehra deti hai

Woh apni zulfon ki mahak se hawaa mehka deti hai

 

30.

जहां भी महकी हो मीठी मीठी खुशबू

समझ जाना कि वहां उसने ज़ुल्फ़ों को झटका है

Jaha bhi mehki ho meethi meethi khusboo

Samjh jana ki waha usne zulfon ko jhatka hai

 

तो दोस्तों कैसी लगी आपको यह ज़ुल्फ़ शायरी हमें कमेंट कर ज़रूर बताएं और इसे अपने प्रेमी/प्रेमिका से सांझा करें।

 

Read More:

Shayari On Payal

चूड़ी शायरी इन हिंदी

20+ Best Bindiya/ Bindi Shayari In Hindi 

Leave a Comment