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20+ New Jalan Shayari In Hindi | जलन पर शायरी

जलन पर शायरी:  दोस्तों वैसे तो हमें किसी से भी किसी बात पर जलना नहीं चाहिए इससे किसी का कुछ नहीं जाता इससे हम खुद को ही नुकसान पहुंचाते हैं लेकिन फिर भी कुछ लोग यह बात नहीं समझते और हमसे जलते रहते हैं जो कि बिल्कुल गलत है।

इस लिए आज हम “जलन पर शायरी” लेकर आए हैं जिसको आप अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर लगाकर अपने जलने वालों को दिखा सकते हो और उन्हें बता सकते हो के हमसे जलने से अच्छा कुछ कर लो ज़िन्दगी में काम आएगा।

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जलन पर शायरी | Jalan Shayari In Hindi

 

1.

मंजिलें पहाड़ों से ऊंची हो गयी 

इंसान की सोच जो छोटी हो गयी है

क्योंकि इंसान अपनों से ही जलता है

और दूसरों पर वो मरता है

Manzilein pahadon se uchi ho gayi

Insan ki soch jo chhoti ho gayi hai

Kyonki insan apno se hi jalta hai

Aur dusron par woh marta hai

 

 

2.

ज़ख्मों पर मेरे नमक छिड़क कर

चर्चा ए मोहब्बत तूने शरेआम किया है

दर्द ए जलन ही अब दवा है मेरी

मिर्ची ए इश्क़ जो तूने पेश किया है

Zakhmo par mere namak chhidak kar

Charcha Ae mohabbat tune sareaam kiya hai

Dard Ae Jalan hi ab dawaa hai meri

Mirchi Ae Ishq jo tune pesh kiya hai

 

 

3.

जलन तो होती है मुझे उस चाँद को देखकर

जो हर रात अपनी चाँदनी के साथ ही बिताता है

Jalan toh hoti hai mujhe us chand ko dekh kar

Jo har waqt raat apni chandni ke saath hi bitaata hai

 

 

4.Jalan Shayari

वह हार कर भी जीत गया क्योंकि उसके पास

सदैव मुस्कुराने की कला थी और कोई जीतकर

भी रोज़ हारता है क्योंकि उसके पास जलने के

सिवाए कोई कला ना थी

Woh haar kar bhi jeet gaya kyunki uske paas

Sadev muskurane ki kala thi aur koi jeet kar

Bhi roz haarta hai kyun uske paas jalne ke

Sivaye koi kala nahi thi

 

 

5.

इश्क़ की जलती लो मैं

सुलगती आशिक़ी काफिर

जलन की बात ना पूछ

रूह बेचैन है सुलग जाने को

Ishq ki jalti lo main

Sulgati aashiqi kafir

Jalan ki baat naa puchh

Rooh bechain hai sulag jane ko

 

 

6.

दूसरों की तरक्की पर जलने वाले इंसान

जलन की आग में कहीं मिटा ना लेना 

अपना ही नाम ओ निशान

Dosron ki taraki par jalne wale insan

Jalan ki aag mein kahi mitaa naa lena

Apna hi naam o nishaan

 

 

7.Jalan Shayari

कोई फ़क़ीर कल मुझे इतनी गर्मी का राज़ बता गया

आँखें तो नम थी पर चेहरे पर हँसी थी

हँसते हँसते कह गया “जव इंसान ही इंसान से जलने लगा है तो गर्मी तो पड़नी ही है ना साहेब”।।।

Koi fakeer kal mujhe itni garmi ka raaz bata gaya

Aankhein toh nam thi par chehre par hassi thi

Haste haste keh gaya “jab insan hu insan se jalne laga hai toh garmi toh padni hi hai naa saheb”

 

 

8.

आखिर दिल की बात जुबान पे आ ही गयी

तेरी आँखों मे प्यार आज दिख ही गया

तेरी जुबान कितना भी इनकार करे

तेरी जलन ने राज दिल के खोल ही दिए

Aakhir dil ki baat jubaan pe aa hi gayi

Teri aankhon mein pyar aaj dikh hi gaya

Teri zuban kitna bhi inkar kare

Teri jalan ne raaz dil ke khol hi diye

 

 

9.Jalan Shayari

चाँद को भी जलन में पीछे पीछे आते देखा है

माँ जब सँवरती है तो आईना बन नीचे आते देखा है

Chand ko bhi jalan mein peeche peeche aate dekha hai

Maa jab sanwarti hai toh aaina ban neeche aate dekha hai

 

 

10.

पहले लोग आपसे आकर्षित होंगे

फिर वो आपसे मिलने चाहेंगे

आपको जानना चाहेंगे

और जब धीरे धीरे जान लेंगे

तब उनका वही आकर्षण

जलन और नफरत में बदल जाएगा

 

Pehle logg aapse akarshit honge

Fir woh aapse milne chahenge

Aapko janana chahenge 

Aur jab dheere dheere jaan lenge

Tab unka saathi akarshan

Jalan aur nafrat mein badal jayega

 

 

11.Jalan Shayari

क्यों लोग जमाने के लगाते हैं नज़र

कर नहीं सकते जो खुद कुछ

देख के जल जाते हैं किसी को मुकाम पर

नहीं भाते मुझे ऐसे लोग बिल्कुल ही

नहीं समझ आते हैं मुझे ऐसे ही यह लोग

Kyun logg zamane ke lagate hai nazar

Kar nahi sakte jo khud kuch

Dekh ke jal jaate hai kisi ko mukam par

Nahi bhaate mujhe aise logg bilkul hi

Nahi samjh aate hai mujhe aie hi yeh logg

 

 

Jalan Shayari 2 Lines

 

12.

तुम नफरत करो बेशुमार

लोग कुछ नहीं कहेंगे

हमने ज़रा प्यार कर लिया

तो सो तूफान खड़े हो गए

Tum nafrat karo beshumar

Logg kuch nahi kahenge

Humne zara pyar kar liya

Toh so tufan khade ho gaye

 

 

13.Jalan Shayari

इंसान की यही फितरत है

कभी नफरत तो कभी शिकायत है

कहाँ कोई खुश रहता है ज़िन्दगी में

कहीं जलन तो कही नफ़रत है

Insan ki yeh fitrat hai

Kabhi nafrat toh kabhi shikayat hai

Kaha koi khush rehta hai zindagi mein

Kahi jalan toh kahi nafrat hai

 

 

14.

जो तुम इतना जलते हो ना मुझसे

पक्की बात है के एक दिन बुझ जाओगे

Jo tum itna jalte ho na mujhse

Pakki baat hai ke ek din bujh jaoge

 

 

15. Jalan Shayari

ना जाने वो क्यों मुझसे जलता है

दिल में क्या है क्यों नहीं कहता है

सुलगता हुआ कोयला धुंआ करता है

साथ हवा का हो तो धुँ धुँ कर जलता है

Naa jane woh kyun mujhse jalta hai

Dil mein kya hai kyun nahi kehta hai

Sulgata hua koyla dhua karta hai

Saath hawa ka ho toh dhua dhua kar jalta hai

 

 

16.

अक्सर खामोशी खुद को ही जलाती है

जब भी बात आत्मसम्मान की आती है

Aksar khamoshi khud ko hi jalati hai

Jab bhi baat aatam samaan ki aati hai

 

 

दोस्तों हम उम्मीद करते हैं के यह शायरी आपको जरूर पसंद आई होगी हमें कमेंट कर इसके बारे में जरूर बताना की Jalan Shayari आपको कैसी लगी और ऐसी शायरी के लिए आप हमारे ब्लॉग Loyal Shayar के साथ जुड़े रहिए। धन्यवाद?

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