30+ अश्कों पर शायरी | अश्क़ शायरी| Ashq Shayari

अश्क़ शायरी: दोस्तों हम आपके लिए अश्क़ों पर शायरी लेकर आये हैं, अश्क़ जो कभी किसी की कमी में झलक आते हैं और कभी किसी से मिलने की खुशी में अश्क़ हमारे सुख दुख में हमारे हमसफ़र हमारे साथी बनकर आँखों से छलक जाते हैं आज इन्ही अश्क़ों पर शायरी के संग्रह को हम आपके साथ साँझा करने वाले हैं हम उम्मीद करते हैं कि यह अश्क़ शायरी आपको पसंद आएगी।

 

अश्क़ शायरी | Ashq Shayari In Hindi

 

1.अश्क़ शायरी

अश्क़ शायरी
अश्क़ शायरी

एक शक्स मेरे अश्कों में समाया है

जिसकी याद में आंखों से यह अश्क़ आया है

Ek Shakhs Mere Ashqon Mein Samaya Hai

Jiski Yaad Mein Aankhon Se Yeh Ashq Aaya Hai

 

2.

मेरे बहते अश्कों को कोई सुखाने नहीं आया

वो रुला कर छोड़ गया कोई चुप कराने नहीं आया

Mere Behte Ashqon Ko Koi Sukhane Nahi Aaya

Woh Rula Kar Chhod Gaya Koi Chup Krane Nahi Aaya

 

3.

जिसकी खातिर ठुकरा दिया था अपनों को

आज वही मुझे रुलाने लगा है

जिसकी खातिर अश्क़ दिए मैंने अपनों को

आज वो मेरे अश्कों को झूठा बताने लगा है

Jiski Khatir Thukra Diya Tha Apno Ko

Aaj Wahi Mujhe Rulane Lagaa Hai

Jiski Khatir Ashq Diye Maine Apno Ko

Aaj Woh Mere Ashqon Ko Jhutha Btane Laga Hai

 

4.

मेरे दिल में रहते हो तुम, साँसों में समाए हो

फिर क्यों आंखों को अश्क़ देकर, हुए पराये हो

Mere Dil Mein Rehte Ho Tum, Saanso Mein Samaye Ho

Fir Kyun Aankho Ko Ashq Dekar, Huye Paraye Ho

 

5.अश्क़ों पर शायरी

अश्क़ों पर शायरी
अश्क़ों पर शायरी

मेरे अश्कों में बहता है वो

मेरे दिल में रहता है वो

ना जाने फिर भी मुझसे

दूर क्यों रहता है वो

Mere Ashqon Mein Behta Hai Woh

Mere Dil Mein Rehta Hai Woh

Naa Jane Fir Bhi Mujhse 

Door Kyun Rehta Hai Woh

 

6.

रोज़ रात जब याद उसकी आने लगती है

यह आँखें खामोशी से अश्क़ बहाने लगती है

एक वो ही था जिसे मानते थे हम अपना

उसके सिवाए सब लोग बेगाने लगते है 

Rozz Raat Jab Yaad Uski Aane Lagti Hai

Yeh Aankhein Khamoshi Se Ashq Bahane Lagti Hai

Ek Woh Hi Tha Jise Mante The Hum Apna

Uske Sivaye Sab Logg Begane Lagte Hai

 

7.

जब भी मेरे दिल में उसकी याद आती है

फिर पूरी रात आँखें अश्क़ बहाती है

Jab Bhi Mere Dil Mein Uski Yaad Aati Hai

Fir Poori Raat Aankhein Ashq Bahati Hai

 

8.

वक़्त की तरह कुछ ऐसे गुज़र गया वो शख्स

के ना दिल टूटने की आवाज़ हुई ना दर्द

बस अश्कों के दरिया सा खामोशी से बह गया

Waqt Ki Tarah Kuch Aise Guzar Gaya Woh Shaks

Ke Naa Dil Tootne Ki Awaaz Huyi Naa Dard Hua

Bas Ashkon Ke Dariya Sa Khamoshi Se Beh Gaya

 

9. आशकों पर शायरी

अब तो अश्क़ भी सुख जाने लगे हैं

मगर आज भी हम उन्हें भूल जाने लगे हैं

बहुत कोशिश करके देख ली भूलने की

मगर अब सबको अलविदा कह जाने लगे हैं

Ab Toh Ashq Bhi Sookh Jane Lage Hai

Magar Aaj Bhi Hum Unhe Bhool Jane Lage Hai

Bahut Koshish Karke Dekh Li Bhulne Ki

Magar Ab Sabko Alvida Keh Jane Lage Hai 

 

10.अश्क़ शायरी

अश्क़ शायरी
अश्क़ शायरी

उनकी आँखों में छाई नमी ने

हमें उसके दर्द से वाकिफ कराया

बहुत पूछना चाहा क्यों उदास है वो

पर उन्होंने एक लफ्ज़ ना बताया

Unki Aankhon Mein Chhayi Nami Ne

Humein Uske Dard Se Wakif Karaya

Bahut Puchna Chaha Kyun Udas Hai Woh

Par Unhone Ek Lafaz Naa Bataya

 

अश्क़ों पर शायरी | Ashqon Par Shayari

 

11. अश्क़ शायरी

अश्कों को लफ़्ज़ों में समझाया नहीं जाता

बहते अश्कों का दर्द जुबान से बताया नहीं जाता

Ashqon Ko Lafzon Mein Samjhaya Nahi Jata

Behte Ashqon Ka Dard Zuban Se Bataya Nahi Jata

 

12.

समझ सको तो पढ़ लो बहते अश्कों को

जिसके लिए बहते हैं हर अश्क़ पर उसका नाम लिखा है

Samjh Sako Toh Padh Lo Behte Ashqon Ko

Jiske Liye Behte Hai Har Ashq Par Uska Naam Likha Hai

 

13.

वो रोये इतना कि हम जा नहीं पाए

उसके बहते अश्कों ने हमें उनके इश्क़ में डूबा दिया

Woh Roye Itna Ki Hum Jaa Nahi Paaye

Uske Behte Ashqon Ne Humein Unke Ishq Me Dubaa Diya

 

14.

उसके बहते अश्कों ने मुझे भिगो दिया

उसके लफ़्ज़ों ने मुझे झंझोर दिया

मज़बूरी थी उसे छोड़ कर आना मेरी

मगर छोड़ कर आया तो मैं भी रो दिया

Uske Behte Ashqon Ne Mujhe Bhigo Diya

Uske Lafzon Ne Mujhe Jhakjhor Diya

Mazboori Thi Usey Chhod Kar Aana Meri

Magar Chhod Kar Aaya Toh Main Bhi Ro Diya

 

15.अश्क़ शायरी

अश्क़ शायरी
अश्क़ शायरी

जो आँखों से ना बहाये गए

उन्हीं अश्कों के अल्फ़ाज़ बनाये गए

Jo Aankhon Se Naa Bahaye Gaye

Unhi Ashqon Ke Alfaaz Banaye Gaye

 

16.

जिसे देखो अपनी दर्द भरी कहानी सुनाता है

जिसने भी इश्क़ किया वो यादों में अश्क़ बहाता है

Jise Dekho Apni Dard Bhari Kahani Sunata Hai

Jisne Bhi Ishq Kiya Woh Yaadon Mein Ashq Bahata Hai

 

17.

अश्क़ बन तेरी आँखों में बस जाता हूँ

फिर जुदाई के डर से कभी तू रो ना पाए

तेरे रोने से अश्क़ के साथ बह जुदा हो जाऊंगा

यह सोच कर तू कभी अश्क़ ना बहाये

Ashq Ban Teri Aankhon Mein Bas Jaata Hu

Fir Judaai Ke Darr Se Kabhi Tu Ro Na Paaye

Tere Rone Se Ashq Ke Sath Beh Judaa Ho Jaunga

Yeh Soch Kar Tu Kabhi Ashq Naa Bahaye

 

18.

इश्क़ मोहब्बत के नाम से आँखों में नमी आ जाती है

वफ़ा की बातें उस बेवफा कि याद दिला जाती है

Ishq Mohabbat Ke Naam Se Aankhon Mein Nami Aa Jaati Hai

Wafa Ki Baatein Us Bewafa Ki Yaad Dilaa Jati Hai

 

19. अश्कों पर शायरी

तुम अश्कों को छुपा कर बहा लेते हो

जुदा होकर कैसे दर्द को छुपा लेते हो

Tum Ashqon Ko Chhupa Kar Baha Lete Ho

Judaa Hokar Kaise Dard Chhupa Lete Ho

 

2 Lines Ashq Shayari

 

20.अश्क़ शायरी

अश्क़ों पर शायरी
अष्क शायरी

मेरे अश्कों में भी तेरा हिस्सा हो गया है

इन अश्कों का बहना, रोज़ का किस्सा हो गया है

Mere Ashqon Mein Bhi Tera Hissa Ho Gaya Hai

In Ashqon Ka Behna, Roz Ka Kissa Ho Gaya Hai

 

21.

अकेलेपन को हम ऐसे गुज़ारा करते हैं

अश्क़ बहाकर उसे वापिस पुकारा करते हैं

Akelepan Ko Hum Aise Guzara Karte Hai

Ashq Bahakar Usey Wapas Pukara Karte Hai

 

22.

आ जाओ लौट कर और इन आँखों से अश्क़ हटा दो

भूल चुका है यह चेहरा हँसना इसे थोड़ा हँसा दो

Aa Jao Laut Kar Aur In Aankhon Se Ashq Hataa Do

Bhool Chuka Hai Yeh Chehra Hasna Isey Thoda Hasa Do

 

23.

उन्होंने दौलत के पीछे प्यार खो लिया

हमने उनके प्यार में खुद को अश्कों से भिगो लिया

Unhone Daulat Ke Peeche Pyar Kho Liya

Humne Unke Pyar Mein Khud Ko Ashqon Se Bhigo Liya

 

24.

मैं पूरी ज़िंदगी अश्क़ बहाता रहूंगा

गर वो लौट कर आये मेरे अश्क़ बहाने से

Main Poori Zindagi Ashq Bahata Rahunga

Agar Woh Laut Kar Aaye Mere Ashq Bahane Se 

 

25.अश्क़ शायरी

बहुत लोगों ने चाहा लेकिन कोई रुला ना पाया

अपनों के सिवा इन आँखों में कोई अश्क़ ला ना पाया

Bahut Logon Ne Chaha Lekin Koi Rulaa Na Paaya

Apno Ke Sivaa In Ankhon Mein Koi Ashq Laa Na Paya

 

26.

मेरी आँखों से गर्मी के मौसम में भी बरसात रुकती नहीं

यह गम बेमौसम अश्क़ छलकाया करता है

Meri Ankhon Se Garmi Ke Mausam Mein Bhi Barsaat Rukti Nahi

Yeh Gam Bemausam Ashq Chhalkaya Karta Hai

 

27.

दिल में हर रोज़ सवाल आता है

उसके लिए यह आखिर अश्क़ क्यों बहाता है

बहुत लोग चाहते हैं इस दिल को लेकिन

यह सिर्फ उस बेवफा को ही क्यों चाहता है

Dil Mein Har Roz Sawal Aata Hai

Uske Liye Yeh Akhir Ashq Kyun Bhata  Hai

Bahut Logg Chahte Hai Is Dil Ko Lekin

Yeh Sirf Us Bewafa Ko Hi Kyun Chahta Hai

 

28.

आँखों से अश्कों के साथ इश्क़ बहाता हूँ

रोज़ उसकी यादों को रो कर भुलाता हूँ

Ankhon Se Ashqon Ke Sath Ishq Bahata Hu

Roz Uski Yaadon Ko Ro Kar Bhulata Hu

 

29.

अश्कों की क्या बात करते हो साहब

पूरी रात छलकते है एक बेफवा के लिए

Ashqon Ki Kya Baat Karte Ho Sahab

Poori Raat Chhalakte Hai Ek Bewafa Ke Liye

 

30. अश्क़ शायरी

आशिकी कर अश्क़ बहाने पड़ते हैं

पलक झपकते ही दिल में बसने वालों को

भुलाने के लिए ज़माने लगते हैं

Aashiqui Kar Ashq Bahane Padte Hai

Palak Jhapakate Hi Dil Mein Basne Walo Ko

Bhulane Ke Liye Zamane Lagte Hai

 

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